बॉक्स ऑफिस पर सुनामी लाने वाली आदित्य धर की मेगा-हिट फिल्म 'धुरंधर' अब एक नई और विवादित वजह से सुर्खियां बटोर रही है। एक 'धुरंधर 2' दस्तक देने वाली हैं, वहीं दूसरी ओर फिल्म कॉपी करने की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। जहां कल तक इस फिल्म को 'मास्टरपीस' और आदित्य धर को 'डिटेलिंग का किंग' कहा जा रहा था, वहीं आज सोशल मीडिया पर उठे एक बवंडर ने फिल्म की मौलिकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इंटरनेट पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि 'धुरंधर' कोई नई कहानी नहीं, बल्कि साल 1998 में आई रामगोपाल वर्मा की कल्ट क्लासिक 'सत्या' का फ्रेम-दर-फ्रेम रीमेक या 'कॉपी' है।
वायरल क्लिप्स में दोनों फिल्मों के बीच ऐसी चौंकाने वाली समानताएं दिखाई गई हैं कि फैंस के होश उड़ गए हैं। इंस्टाग्राम पर साझा किए गए इस वीडियो में करीब 10 ऐसे प्रमुख दृश्यों का तुलनात्मक विवरण है, जो हूबहू मिलते हैं। शुरुआत फिल्म के नायक के संघर्ष से होती है; जैसे 'सत्या' में नायक एक अनजान शहर में पिटता है, ठीक वैसे ही 'धुरंधर' में हमजा (रणवीर सिंह) को कराची की गलियों में अपमानित होते और पिटते दिखाया गया है। इतना ही नहीं, हमजा द्वारा अपने दुश्मनों को जिंदा जलाने का बदला और सत्या द्वारा उन्हें गोलियों से भूनने का अंदाज, दोनों ही फिल्मों की आत्मा को एक जैसा दर्शाता है।
वीडियो में दी गई दलीलों के अनुसार, न केवल दृश्यों बल्कि किरदारों की बुनावट भी 'सत्या' से प्रेरित है। अक्षय खन्ना द्वारा निभाया गया 'रहमान डकैत' का किरदार दर्शकों को तुरंत मनोज बाजपेयी के कालजयी किरदार 'भीकू म्हात्रे' की याद दिलाता है। यहाँ तक कि गैंग के सदस्यों द्वारा हीरो को घर दिखाना, राजनीतिक दबाव में शांत रहने की चेतावनी मिलना और फिर नायक का अपने साथी को बदला लेने के लिए उकसाना, ये सभी मोड़ 'सत्या' की याद ताजा कर देते हैं। दोनों फिल्मों में नायक का अपनी प्रेमिका के साथ फिल्म देखने जाने वाला सीन और पुलिस अफसर का शहर साफ करने का संकल्प भी एक समान नजर आता है। यहां तक कि क्लाइमेक्स में रहमान डकैत की मौत का तरीका भी भीकू म्हात्रे की हत्या से मेल खाता बताया जा रहा है।
इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई है। कई प्रशंसक, जो आदित्य धर की बारीकियों के कायल थे, अब ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। एक यूजर ने तंज कसते हुए लिखा कि यह तो आलू मटर और पनीर के लिए एक ही ग्रेवी जैसा हाल है, वहीं कुछ का कहना है कि रामगोपाल वर्मा ने खुद अपनी ही फिल्म की नकल की इतनी तारीफ कर दी। हालांकि, एक धड़ा यह भी मानता है कि गैंगस्टर जॉनर की फिल्मों में अक्सर प्लॉट एक जैसे ही होते हैं, लेकिन 'धुरंधर' के मामले में सीन-दर-सीन समानता ने 'प्रेरणा' और 'कॉपी' के बीच की धुंधली रेखा को मिटा दिया है।
रामगोपाल वर्मा की 'सत्या' भारतीय सिनेमा का वह मील का पत्थर है जिसने अनुराग कश्यप और मनोज बाजपेयी जैसे दिग्गजों को जन्म दिया। 6 फिल्मफेयर और नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली इस फिल्म की छाया से 'धुरंधर' जैसी आधुनिक ब्लॉकबस्टर का निकल पाना अब मुश्किल नजर आ रहा है। आदित्य धर, जिन्हें अब तक एक दूरदर्शी फिल्ममेकर माना जा रहा था, इस नए विवाद के बाद कटघरे में खड़े नजर आ रहे हैं। देखना यह होगा कि क्या फिल्म की टीम इन आरोपों पर कोई सफाई देती है या 'धुरंधर' की सफलता इस साहित्यिक चोरी के शोर में दबकर रह जाएगी।
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